राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई-लेवल बैठक: सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और नशे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई-लेवल बैठक: सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और नशे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

High-Level Meeting on Security Arrangements in Rajasthan

High-Level Meeting on Security Arrangements in Rajasthan

Rajasthan Law and Order Meeting: हाल ही में राजस्थान के सीमा क्षेत्र पर गृह मंत्री अमित शाह का दौरा हुआ था. जिसमें भारत-पाकिस्तान बॉर्डर एरिया का गृह मंत्री ने निरीक्षण किया था. इतना ही नहीं अमित शाह के दौरे के बाद ही जब सीएम भजनलाल शर्मा दिल्ली दौरे पर गए तो उनकी मीटिंग राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ हुई. बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में राजस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी बातचीत हुई. अब इस बैठक के बाद राजस्थान में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गतिविधियां तेज हो गई है. बुधवार (3 मई) को सीएम भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आवास पर गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई.

सीएम ने नशे पर नकेल का दिया निर्देश

बताया जा रहा है कि इस बैठक में राजस्थान की सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा की गई है. बैठक में नशे के कारोबार और तस्करी पर भी विशेष चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बॉर्डर इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए.

वाहन नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया है. जिसमें अवैध रूप से मॉडिफाई किए गए वाहनों, काली फिल्म लगे वाहनों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे वाहनों का उपयोग कई बार गैरकानूनी गतिविधियों में किया जाता है, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों की रोकथाम और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रखी जाए.